रात में देर से खाना खाने के नुकसान !!!

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रात में देर से खाना खाने के नुकसान, शाम के खाने के लिए रिजर्वेशन कराने से पहले या आधी रात को स्नैक के लिए फ्रिज की ओर जाने से पहले, आपको इस बात पर विचार करना चाहिए कि देर रात खाने का आपके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।

सेल मेटाबोलिज्म नामक शोध पत्रिका में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि दिन में देर से भोजन करने से भूख बढ़ जाती है और लेप्टिन (एक हार्मोन जो आपको तृप्ति का एहसास कराता है) का स्तर कम हो जाता है, और यह मोटापे के बढ़ते जोखिम में योगदान दे सकता है।

न्यूयॉर्क-प्रेस्बिटेरियन/वील कॉर्नेल मेडिकल सेंटर में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और चिकित्सक पोषण विशेषज्ञ डॉ. कैरोलिन न्यूबेरी कहती हैं, “यह अध्ययन एक यादृच्छिक नियंत्रित परीक्षण था, और इसे बहुत अच्छी तरह से किया गया था।” 

इस परीक्षण में सोलह लोगों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने समान मात्रा में कैलोरी का सेवन किया, लेकिन एक समूह ने दिन में जल्दी भोजन किया, जबकि दूसरे समूह ने देर से, रात के खाने का सेवन सोने के समय के करीब किया। डॉ. न्यूबेरी का कहना है कि हालांकि यह एक छोटा अध्ययन था, लेकिन 16 लोगों पर प्रयोगशाला में अध्ययन किया गया, जिससे इसकी विश्वसनीयता बढ़ जाती है।

रात मे देर से खाना खाने के नुकसान और समस्याएं:

  1. पाचन संबंधी समस्याएँ (Digestive Issues):
    • एसिड रिफ्लक्स (Acid Reflux) और हार्टबर्न (Heartburn): खाने के तुरंत बाद सोने से पेट का एसिड ग्रासनली (esophagus) में आ जाता है, जिससे जलन और बेचैनी होती है।
    • अपच (Indigestion): देर रात खाने से पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे पेट भारी और खराब महसूस हो सकता है।
  2. वजन बढ़ना (Weight Gain):
    • रात में मेटाबॉलिज्म धीमा होता है, जिससे कैलोरी बर्न कम होती है और अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा हो सकती है।
  3. नींद में खलल (Sleep Disturbances):
    • पाचन क्रिया के कारण शरीर सक्रिय रहता है, जिससे सोना मुश्किल हो सकता है। इससे नाइट ईटिंग सिंड्रोम (NES) भी हो सकता है, जो नींद को और बाधित करता है।
  4. ब्लड शुगर में बदलाव (Blood Sugar Fluctuations):
    • खासकर मधुमेह (diabetes) रोगियों के लिए, देर रात खाने से ब्लड शुगर का स्तर ऊपर-नीचे हो सकता है, जिससे अगले दिन भूख और ऊर्जा प्रभावित होती है।
  5. मानसिक स्वास्थ्य पर असर (Impact on Mental Health):
    • नींद की कमी और पाचन संबंधी समस्याएं दिनभर की एकाग्रता और मूड को खराब कर सकती हैं। 

क्या करें!!!

रात का भोजन शाम 7 से 8 बजे के बीच कर लेना सबसे अच्छा माना जाता है, ताकि सोने से पहले शरीर को भोजन पचाने के लिए कम से कम 2-3 घंटे का समय मिल सके, जिससे पाचन ठीक रहे, नींद अच्छी आए और वजन नियंत्रित करने में मदद मिले. देर रात खाने से एसिडिटी, पेट की जलन और खराब नींद जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

मुख्य बातें:

  • आदर्श समय: शाम 7 से 8 बजे (यदि आप रात 10-11 बजे सोते हैं)।
  • क्यों? सोने से पहले पाचन तंत्र को भोजन को प्रोसेस करने का पर्याप्त समय मिलता है।
  • फायदे: बेहतर पाचन, अच्छी नींद, वजन नियंत्रण और एसिडिटी जैसी समस्याओं से बचाव। 
  • आयुर्वेद के अनुसार: शाम को सूरज ढलने के साथ जठराग्नि (पाचन अग्नि) मंद होने लगती है, इसलिए सूर्यास्त से पहले या जल्द से जल्द भोजन करना चाहिए।

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