यूनेस्को ने दीपावली को अमूर्त धरोहर घोषित किया!!!

यूनेस्को ने दीपावली को अमूर्त धरोहर घोषित किया है. यूनेस्को का यह कदम भारतीय परंपराओं को संरक्षित करने और विश्वभर में उनके महत्व को बढ़ाने में मदद करेगा।

भारत के लिए गर्व का क्षण है. यूनेस्को ने भारत के प्रमुख पर्व दीपावली को अपनी अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर (Intangible Cultural Heritage) की सूची में शामिल कर लिया है. यह फैसला यूनेस्को की अंतरराष्ट्रीय समिति की बैठक में लिया गया, जिससे भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई मान्यता मिली है.

क्यों है यह महत्वपूर्ण?

यह पर्व भारत की आध्यात्मिकता, विविधता और सामाजिक एकता को दर्शाता है. यूनेस्को का यह कदम भारतीय परंपराओं को संरक्षित करने और विश्वभर में उनके महत्व को बढ़ाने में मदद करेगा।

दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है. जो हमें आंतरिक ज्योति जलाने, बुराई पर अच्छाई की जीत और जीवन में सकारात्मकता लाने का संदेश देता है, जैसा कि भगवान राम के अयोध्या लौटने पर दीपों से नगर को सजाने की परंपरा में झलकता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या बदलेगा?

  • दीपावली को अब ग्लोबल पहचान मिलेगी।
  • दुनिया भर में सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।
  • टूरिज्म और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
  • भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूती मिलेगी.।

UNESCO की लिस्ट में भारतीय परंपराएं 

दीपावली से पहले भारत की कई सांस्कृतिक परंपराएं यूनेस्को की सूची में शामिल हो चुकी हैं, जैसे:

योग

कुंभ मेला

गरबा

दुर्गा पूजा

रामलीला……

भारत में कुल कितने अमूर्त धरोहर हैं?

भारत में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) की सूची में अब 16 धरोहरें हैं, क्योंकि हाल ही में (दिसंबर 2025 में) दीपावली (Diwali) को इसमें शामिल किया गया है, जो पहले 15 थीं, और इनमें कुंभ मेला, दुर्गा पूजा, रामलीला, गरबा, और योग जैसी परंपराएं शामिल हैं, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती हैं। 

मुख्य बातें:-

  • कुल संख्या: 16
  • नवीनतम शामिल: दीपावली (Diwali)
  • शामिल अन्य प्रमुख धरोहरें: कुंभ मेला, दुर्गा पूजा, रामलीला, छऊ नृत्य, वैदिक मंत्रोच्चार, गरबा (गुजरात), योग, और नवरोज़ (Navroz)।

यह सूची भारत की सांस्कृतिक परंपराओं, त्योहारों, प्रदर्शन कलाओं और मौखिक परंपराओं को संरक्षित करने के लिए यूनेस्को द्वारा तैयार की जाती है।

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