जापान 7.5 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी

जापान ने आओमोरी में 7.6 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद आपातकालीन सुनामी चेतावनी जारी की: तटीय क्षेत्र खाली कराए गए

दुनियाभर के अनेक देशों में बीते कुछ समय से भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। हाल के दिनों में भूकंप की घटनाएं तेजी से बढ़ी भी हैं। म्यांमार, तुर्की, अफगानिस्तान आदि देशों में तो भूकंप के कारण हजारों लोगों की मौत हुई है। इस बीच अब सोमवार को जापान में भीषण भूकंप आया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी का कहना है कि जापान के उत्तरी तट पर जोरदार भूकंप आया, सुनामी की चेतावनी जारी की गई है।

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप 14:15 (UTC) पर 53.1 km की गहराई पर रिकॉर्ड किया गया। इसका केंद्र उत्तरी जापान के शहर मिसावा से 73 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में था। खबर है कि यह अमोरी और होक्काइडो के तट पर आया, जिससे इस इलाके में सुनामी का अलर्ट जारी किया गया। अलर्ट 3 मीटर तक ऊंची सुनामी के लिए जारी किया गया था।आओमोरी में सुनामी की छोटी लहरें आनी शुरू हो गई हैं। फिलहाल इनकी ऊंचाई 40 सेमी तक है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि बाद में और भी ऊंची सुनामी जापान के उत्तर-पूर्वी तटों तक पहुंच सकती है। यहां 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

भूकंप का केंद्र जापान के तट से 70 किमी दूर समुद्र में 50 किमी की गहराई में था। भूकंप के बाद आओमोरी प्रांत में 2,700 घरों में बिजली गुल हो गई है। आओमोरी शहर में आग लगने की 2 घटनाएं हुई हैं। आओमोरी प्रीफ में सड़क ढहने से 1 और होक्काइडो में गिरने से 2 लोग घायल हुए हैं।


जापान में सबसे ज्यादा भूकंप क्यों आते हैं?

जापान में भूकंप आने का मुख्य कारण है कि यह एक प्रशांत अग्नि वलय (Ring of Fire) क्षेत्र में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें (प्रशांत, फिलीपींस, यूरेशियन और उत्तरी अमेरिकी प्लेटों सहित) आपस में टकराती हैं। इन प्लेटों की निरंतर हलचल और टकराव से पृथ्वी की परत में तनाव पैदा होता है, जो भूकंप के रूप में ऊर्जा के रूप में बाहर निकलता है।

भूकंप क्यों आता है?

भूकंप पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों (पपड़ी के बड़े-बड़े टुकड़े) के खिसकने, टकराने या एक-दूसरे से रगड़ खाने के कारण आता है, जिससे पृथ्वी के अंदर जमा ऊर्जा अचानक निकलती है और भूकंपीय तरंगों (seismic waves) के रूप में फैलती है, जिससे ज़मीन हिलने लगती है। यह ऊर्जा आमतौर पर भ्रंश (faults) नामक दरारों पर जमा होती है और जब तनाव घर्षण से ज़्यादा हो जाता है, तो चट्टानें अचानक टूटती और खिसकती हैं, जिससे कंपन होता है। 

भूकंप आने के मुख्य कारण:

* टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल: पृथ्वी की बाहरी परत कई बड़ी प्लेटों से बनी है जो लगातार धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं या दूर जाती हैं, तो घर्षण के कारण ऊर्जा जमा होती है और अचानक निकलने पर भूकंप आता है।

* फॉल्ट लाइन पर फिसलन: प्लेटों के किनारों पर जहां वे एक-दूसरे से मिलती हैं, वहां तनाव जमा होता है। जब यह तनाव बहुत ज़्यादा हो जाता है, तो चट्टानें फिसलती हैं और भूकंप आता है।

* भ्रंश (Faults): ये वो क्षेत्र हैं जहाँ चट्टानें एक-दूसरे के सापेक्ष चलती हैं। इन भ्रंशों पर होने वाली अचानक हलचल भूकंप का कारण बनती है।

* ज्वालामुखी गतिविधियाँ: ज्वालामुखी फटने से भी जमीन हिल सकती है, जिससे भूकंप आते हैं।

* भूस्खलन: बड़े पैमाने पर भूस्खलन भी भूकंपीय तरंगें पैदा कर सकता है।

* मानवीय गतिविधियाँ: अपशिष्ट जल निपटान कुएँ (waste-water disposal wells) और परमाणु परीक्षण जैसी मानवीय गतिविधियों से भी छोटे भूकंप आ सकते हैं।

PACIFIC RING OF FIRE

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